
वंदेभारतलाइवटीव न्युज/समृद्धभारत पेपर
++++++ नागपुर, 11 अक्टूबर शनिवार 2025 ++++++
प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार केन्द्र सरकार ने बिजली सेक्टर सुधारों की ओर कदम बढ़ाते हुए इलेक्ट्रीसिटी बिल में संशोधन का मसौदा जारी किया है। इस मसौदे के अनुसार अब बिजली का बिल मूल लागत के आधार पर तय किया जायेगा। अभीतक बिजली बिल की दरें पूरी तरह लागत से तय नहीं किये जाते थे। रेलवे मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियां क्रॉस सब्सिडी के भार से भी मुक्त होंगी। इससे उद्योगों को भी सस्ती बिजली प्राप्त हो सकेगी। जानकारी अनुसार बदलाव का मुख्य लक्ष्य नुकसान झेल रहे डिस्कॉम की स्थिति में सुधार लाना भी है। सरकार ने यह कहा कि यह सुनिश्चित किया जायेगा कि विद्युत नियामक आयोग लागत के आधार पर ही बिजली बिल के दाम तय करें। जानकारी के अनुसार राज्यों को यह आजादी भी दी गई है कि वे आम जनता पर बिजली बिल का बोझ कम करने के लिए अग्रिम सब्सिडी जारी कर सकें। प्राप्त जानकारी अनुसार सरकार ने बिल के इस मसौदे पर नागरिकों से सुझाव भी मांगे हैं। बिल में राज्यों के विद्युत नियामक आयोग को अपने स्तर पर बिजली टैरिफ तय करने की भी आजादी दी गई है। इसमे यह दावा किया गया कि इसके यह मायने होंगे कि 01 अप्रैल से शुरू होने वाले प्रत्येक वित्तीय वर्ष में बिजली की दरें संशोधित भी होंगी। विद्युत मामलों के जानकार शैलेन्द्र द्विवेदी जी के अनुसार प्रस्तावित सुधारों से आम आदमी के लिए बिजली महंगी होगी। टेलीकॉम की तरह ही एक क्षेत्र में वितरण का लाइसेंस पाने वाली कंपनियां नेटवर्क साझा कर सकेंगी। इसका लाभ निजी कंपनियों को होगा क्योंकि अभी लगभग पूरा नेटवर्क सरकारी कंपनियों का है।










